ब्लॉग प्रसारण पर आप सभी का हार्दिक स्वागत है !!!!

वैसे तो इस तरह के तमाम ब्लॉग उपलब्ध हैं जिनमें से कुछ काफी प्रसिद्ध हैं. इस ब्लॉग को शुरू करने का हमारा उद्देश्य कम फोलोवर्स से जूझ रहे ब्लॉग्स का प्रचार करना एवं वे लोग जो ब्लॉग बनाना चाहते हैं परन्तु अज्ञान वश बना नहीं पाते या फिर अपने ब्लॉग का रूप, रंग ढंग नहीं बदल पाते उनकी समस्या का समाधान करना भी है. परन्तु यदि नए ब्लॉग नवीनीकरण (अर्थात update ) नहीं होंगे उनके लिंक नहीं लगाये जायेंगे उनकी जगह अन्य लिनक्स को स्थान दिया जायेगा. साथ ही साथ प्रतिदिन एक या दो विशेष रचना "विशेष रचना कोना' पर प्रस्तुत की जायेंगी और "परिचय कोना" पर परिचय भी दिया जायेगा. ब्लॉग में किसी भी तरह की समस्या को इस पते पर लिख भेजें : blogprasaran@gmail.com समाधान हेतु यथासंभव प्रयास किया जायेगा....

नोट : सभी ब्लॉग प्रसारण कर्ता मित्रों से अनुरोध है कि वे अपने पसंद के सीमित लिंक्स अर्थात अधिकतम (10-15) ही लिंक्स लगायें ताकि सभी लिंक्स पर पहुंचा जा सके.


मित्र - मंडली

पृष्ठ

ब्लॉग प्रसारण परिवार में आप सभी का ह्रदयतल से स्वागत एवं अभिनन्दन


Thursday, October 24, 2013

ब्लॉगप्रसारण : अंक 155

नमस्कार मित्रों,
आज के इस 155 वें अंक में आप सभी का मैं राजेंद्र कुमार आपका हार्दिक स्वागत करता हूँ।आइये एक नजर डालते है आज के प्रसारण की तरफ एक सुन्दर ग़ज़ल के साथ ….

महलों का करेंगे क्या हमें कोने की आदत है।
हमें सोना नहीं देना हमें सोने की आदत है।
बड़ी मुश्किल से ढूँढा था,मगर फिर लापता है वो
उसे क्या खोजना है जी,जिसे खोने की आदत है।
सताता है ये खालीपन,सालती है ये बेफ़िक्री,
ये कंधे लग रहे हल्के, हमें ढोने की आदत है।
खज़ाना पाके क्या वो लोग हँसना सीख जायेंगे,
जिन्हें औरों के आगे बेवज़ह रोने की आदत है।

चांदी-सा पानी सोना हो जाता है
यशोदा अग्रवाल 

तन्हा रह कर हासिल क्या हो जाता है
बस, ख़ुद से मिलना-जुलना हो जाता है

"एक अजनबी मोड़"
मीनाक्षी मिश्रा 

न जाने कैसी रात थी वो ,बादल आसमान में नहीं दिल पर छाये थे,
उस रात मेघा के दिल में हलचल तो थी,मगर हमेशा की तरह अंधी

गंगेश कुमार ठाकुर
विस्थापन देश के विकास का परिचायक है या नहीं ये तो नहीं पता पर अपनी राजनीति चमकाने और ढेरों रुपया बटोरने का जरिया जरूर है। खनन के नाम पर लोगों से जमीन लो और फिर जमीन के मालिकाना हक से भी उन्हें बेदखल कर दो।

प्रवीन पाण्डेय 
मुझे साइकिल के आविष्कार ने विशेष प्रभावित किया है। सरल सा यन्त्र, आपके प्रयास का पूरा मोल देता है आपको, आपकी ऊर्जा पूरी तरह से गति में बदलता हुआ, बिना कुछ भी व्यर्थ किये। दक्षता की दृष्टि से देखा जाये तो यह सर्वोत्तम यन्त्र है। घर्षण में थोड़ी बहुत ऊर्जा जाती है,


श्याम कोरी 'उदय'
हम ज़िंदा लोग हैं 'उदय', तब ही तो हिल-डुल रहे हैं 
वर्ना, क्या देखा है किसी ने कभी मुर्दों को हिलता ?
… 
'खुदा' जाने इतनी मसक्कत क्यूँ हुई है आज उनसे 
जिन्हें, कभी, हम, फूटी कौड़ी भी सुहाये नहीं थे ??

नितीश तिवारी 
आज फिर आया है मौसम प्यार का,
ना जाने कब होगा दीदार चाँद का,
पिया मिलन की रात है ऐसी आयी ,
आज फिर से निखरेगा रूप मेरे यार का।



सुमन जी 

चाँद ,
चमक तुम्हारी 
बढ़ जायेगी खास 
फलक पर आओ 
हम भी महक 
लेंगे जरा …

सीमा गुप्ता 
चंदा से झरती 
झिलमिल रश्मियों के बीच
एक अधूरी मखमली सी 
ख्वाइश का सुनहरा बदन


दिगम्बर नासवा

समय ने याद की गुठली गिरा दी 
लो फिर से ख्वाब की झाड़ी उगा दी 

उड़ानों से परिंदे डर गए जो 
परों के साथ बैसाखी लगा दी

एक प्रयास सेदोका का 
विभा रानी श्रीवास्तव 
निशा श्रृंगार
चंदा प्यार छलके
सतीसत्व महके
शशि मुखरा
बदली घेर गया
भार्या दिल दहके

हथेलियों में

अनूजा 

जब कुछ नहीं होता
तो बहुत कुछ होता है
हथेलियों में.....

(डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री ‘मयंक’)
सवाल पर सवाल हैं, कुछ नहीं जवाब है।
राख में दबी हुई, हमारे दिल की आग है।।

G.N.SHAW
अनुशासन की बात आते ही शरीर में सिहरन सी दौड़ जाती है ।



आज के प्रसारण को यहीं पर विराम देते हैं,इसी के साथ मुझे इजाजत दीजिये,मिलते हैं फिर से एक नए उमंग के साथ अगले गुरुवार को कुछ नये चुने हुए प्यारे लिंक्स के साथ, आपका दिन मंगलमय हो

24 comments:

  1. मेरी रचना " चाँद मुझे लौटा दो न " को इस ख़ूबसूरत मंच पर स्थान देने का दिल से आभार। सभी लेखको को हार्दिक शुभकामनायें .
    सादर

    ReplyDelete
  2. बड़े ही रोचक व पठनीय सूत्र, आभार..

    ReplyDelete
  3. bahut sundar parsaran hai...meri post ""shubhkamna karwachauth ki"" link karne ke liye bahut bahut aabhar.
    iwillrocknow.blogspot.in/

    ReplyDelete
  4. राजेन्द्र भाई खुबसूरत प्रसारण

    ReplyDelete
  5. आदरणीय राजेंद्र भाई जी एक से बढ़कर एक लिंक्स एवं बेजोड़ प्रस्तुतीकरण हार्दिक आभार आपका.

    ReplyDelete
  6. राजेन्द्र जी,
    आभार आपका बेहतरीन सूत्र संकलन है अवश्य पढूंगी,
    फिर से एक बार आभार मुझे भी इनमे शामिल किया है !

    ReplyDelete
  7. आपका आभार....सुन्‍दर रचनाओं का संकलन है....अवश्‍य पढ़ू्गी;..
    मेरी रचना को स्‍थान देने के लिए धन्‍यवाद...।

    ReplyDelete
  8. कमाल के लिंक है आज ...
    शुक्रिया मेरी गज़ल को जगह देने के लिए ..

    ReplyDelete
  9. आदरणीय राजेंद्रजी,
    सुंदर लिंकों के चयन के साथ अति उत्तम प्रसारण...

    ---आज हमारे बीच में कस्मे वादे प्यार वफा सब नाते हैं नातों का क्या...गाने वाले गायक नहीं रहे... मैं समस्त ब्लौग प्रसारण परिवार की ओर से उन्हे श्रधांजली देता हूं...---

    ReplyDelete
  10. बहुत उम्दा लिंक्स संयोजन,शुक्रिया.

    ReplyDelete
  11. बहुत ही बेहतरीन लिंकों के चयन के साथ बहुत ही सुन्दर प्रसारण,आभार है मित्रवर .

    ReplyDelete
  12. बहुत ही बेहतरीन लिंकों की प्रस्तुति ,धन्यबाद .

    ReplyDelete
  13. सुंदर लिंक्स एवं प्रसारण,राजेंद्र जी .

    ReplyDelete
  14. This comment has been removed by the author.

    ReplyDelete
  15. राजेंद्र भाई बेहतरीन पेशकश व अच्छे सूत्र
    हिंदी टाइपिंग साफ्टवेयर डाउनलोड करें

    ReplyDelete
  16. मेरी कोशिश आपको पसंद आई
    शुक्रिया
    आभार कि आप उसे यहाँ तक ले कर आये
    हार्दिक शुभकामनायें

    ReplyDelete
  17. बहुत बहुत धन्यवाद आपका, आभारी हूँ !!

    ReplyDelete
  18. सुदर लिनक्स... मेरे भी ब्लॉग पर आये... सादर

    ReplyDelete
  19. बहुत उम्दा लिंक्स संयोजन, देर से आने के लिए माफ़ी एंव मेरी पोस्ट को शामिल करने के लिए ह्रदय से आभार।

    ReplyDelete
  20. आदरणीय यहाँ देर से आ पाया ........क्षमा। मेरी पोस्ट को स्थान देने के लिए हार्दिक आभार।अति सुन्दर लिंक्स।

    ReplyDelete
  21. बहुत अच्छी प्रस्तुति...दीपावली की बहुत बहुत शुभकामनाएं...
    नयी पोस्ट@जब भी जली है बहू जली है

    ReplyDelete